Wednesday, 21 September 2016

किसकी आज़ादी है??

साठ फ़ीसदी(#) आबादी के हिस्से, जब बरबादी है
आप ही कहिए कि यह कैसी और किसकी आज़ादी है !
सुख की बदरी घनी-घनी सी किनकी छत पर बरसी है
मेरी तरफ़ सैलाब दुःखों का या फिर बूंदा-बांदी है ।
मांग-पत्र और धरने का यह हश्र आजकल है भाई
तम्बू- पोस्टर चिन्दी-चिन्दी, जेल में हर फ़रियादी है ।
अपना तो छानी-छप्पर और घर-दुआर सब कबड़ गया
दुनियाभर में ढोल पिटा कि यह विकास की आंधी है ।
मज़दूरी और वेतन का जो हाल बेहाल है, मत पूछो
नोट हजरिया पर भी देखो नाक सुड़कता 'गांधी' है ।
घोर ज़हालत, ज़ुल्मो -ज़िल्लत और जहन्नुम में जीना
जीवन है या सिस्टम सारा सैयादी- जल्लादी है ।
शासन-भाषण, अमला- जमला एक ताल पर नाच रहे
ताल 'कहर' वा,ठसक थाट;सब राग ही पूंजीवादी है ।
------आदित्य कमल
(90% आबादी) 

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