जिन्दा हैं फिदेल
चे भी और हो ची मिन्ह भी
माओ भी, स्टालिन भी
जिन्दा हैं लेनिन भी
मार्क्स और एंगेल्स भी
मोर्गन और डार्विन भी जिन्दा हैं
वे तमाम लोग जिन्दा हैं
जिन्हों ने मनुष्य जाति की
प्रगति के पथ पर नए सोपान रचे हैं
तुम पूछोगे वे जिन्दा हैं तो कहाँ हैं
वे मेरे भीतर जिन्दा हैं,
वे हर मेहनतकश में जिन्दा हैं
वे जिन्दा रहेंगे तब तक
जब तक जीवित है मनुष्य जाति
जब तक जीवित है मनुष्य जाति का इतिहास
---- दिनेशराय द्विवेदी
चे भी और हो ची मिन्ह भी
माओ भी, स्टालिन भी
जिन्दा हैं लेनिन भी
मार्क्स और एंगेल्स भी
मोर्गन और डार्विन भी जिन्दा हैं
वे तमाम लोग जिन्दा हैं
जिन्हों ने मनुष्य जाति की
प्रगति के पथ पर नए सोपान रचे हैं
तुम पूछोगे वे जिन्दा हैं तो कहाँ हैं
वे मेरे भीतर जिन्दा हैं,
वे हर मेहनतकश में जिन्दा हैं
वे जिन्दा रहेंगे तब तक
जब तक जीवित है मनुष्य जाति
जब तक जीवित है मनुष्य जाति का इतिहास
---- दिनेशराय द्विवेदी
