ज़िंदा रहने को जीवन कहते हैं क्या?
समाजवादी भगत सिंह मारे गये,
पर दंगाई, शोषक जीवित है क्या?
अन्याय के खिलाफ विद्रोही मारा गया,
दलाली कर परजीवी अमर है क्या?
पर दंगाई, शोषक जीवित है क्या?
अन्याय के खिलाफ विद्रोही मारा गया,
दलाली कर परजीवी अमर है क्या?
शहीद अमर होने के लिए नहीं मरता,
इंकलाब के लिए है, इतिहास बनाने को नहीं,
थर्राता है शोषक वर्ग, समय उसके पीछे है,
जो खुद ही लिखता रहता है उसका इतिहास!
इंकलाब के लिए है, इतिहास बनाने को नहीं,
थर्राता है शोषक वर्ग, समय उसके पीछे है,
जो खुद ही लिखता रहता है उसका इतिहास!
मुर्ख, तानाशाह लिखवाते अपना इतिहास,
जो बालू के घरौंदे के बराबर भी ना टिकता,
"ज़िंदा" तो कीड़े मकोड़े, गद्दार भी रहते हैं,
पर क्रांतिकारी तो मर कर भी ज़िंदा रहता है!
जो बालू के घरौंदे के बराबर भी ना टिकता,
"ज़िंदा" तो कीड़े मकोड़े, गद्दार भी रहते हैं,
पर क्रांतिकारी तो मर कर भी ज़िंदा रहता है!