Saturday, 17 June 2017

कौन हैं राजनीतिज्ञ?

कौन हैं ये?
मालिकों के प्रबंधक?
बड़े पूंजीपतियों के दलाल?
विदेशी पूंजी के दास?
पर कानून बनाते हैं,
महिलाओं के चकला भी चलाते हैं,
दंगा करवाते हैं,
7 सितारा सुविधा और जेड सुरक्षा में रहते हैं,
काले धन और भ्रष्टाचार में पारंगत हैं,
सिपाही, न्यायलय, प्रशाषण साथ में हैं
सेना, मिडिया भी भिन्न नहीं हैं,
फिर भी सारे देश की विकास की बात करते हैं.
जीडीपी के फर्जी आंकड़े से जनता को बेवकूफ बनाते हैं,
सड़क और सोशल मिडिया पर गुंडे पालते हैं,
हमें देश, धर्म, जाति पर बांटते हैं,
क्या बोले, यह भी कंटेंट राईटर ही लिखते हैं,
भीड़ भी इवेंट मैनेजर इकठ्ठा करता है!
यह भडुए है, दलाल हैं,
अपराधी और भ्रष्ट हैं,
ऐयाश हैं!
देश और मेहनतकश आवाम के दुश्मन हैं,
इनकी बिरादरी अलग है,
दुश्मन हैं हमारे,
जल्दी पहचानो, अपनी बर्बादी कम करो,
विद्रोह का नारा दो,
साथी हम एक हैं,
झंडा हमारा लाल है,
क्रांति हमारा रास्ता है,
लक्ष्य हमारा इन मालिकों और उसके चाकरों से मुक्ति है,
इन्सान एक इंसान की तरह जिये,
यही हमारा नारा है!

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