मिर्जा ग़ालिब की 220वी जन्मदिन पर उनकी ही पंक्तियाँ!
ख़ुदा की मोहब्बत को फ़ना कौन करेगा?
सभी बन्दे नेक हों तो गुनाह कौन करेगा?
ऐ ख़ुदा मेरे दोस्तों को सलामत रखना,
वरना मेरी सलामती की दुआ कौन करेगा!
और रखना मेरे दुश्मनों को भी महफूज़,
वरना मेरी तेरे पास आने की दुआ कौन करेगा!!!
ख़ुदा की मोहब्बत को फ़ना कौन करेगा?
सभी बन्दे नेक हों तो गुनाह कौन करेगा?
ऐ ख़ुदा मेरे दोस्तों को सलामत रखना,
वरना मेरी सलामती की दुआ कौन करेगा!
और रखना मेरे दुश्मनों को भी महफूज़,
वरना मेरी तेरे पास आने की दुआ कौन करेगा!!!
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