भड़ुआ बना दिया मजदूरों व किसानों को,
जहाज, सुई और अनाज बनाने वालों को!
चुनाव तुम्हारा था, जम कर नाचे गाये थे हम,
उल्लू थे नहीं, पर पुरी बन कर रह गये हम!!
जहाज, सुई और अनाज बनाने वालों को!
चुनाव तुम्हारा था, जम कर नाचे गाये थे हम,
उल्लू थे नहीं, पर पुरी बन कर रह गये हम!!
सोचा था कि सतर्क रहेंगे हम, पर हो न सके,
पैसे और धर्म पर लूट गये हैं, हम बच न सके!
क्या सही में मर-खप चुके हैं हम?
एक जींदा लाश बन घुम रहे हैं हम?
पैसे और धर्म पर लूट गये हैं, हम बच न सके!
क्या सही में मर-खप चुके हैं हम?
एक जींदा लाश बन घुम रहे हैं हम?
अब तो लूट दिखने लगा है,
अंधेरा छंटने लगा है,
दुश्मन दिखने लगा है,
लाल सबेरा होने लगा है!
अंधेरा छंटने लगा है,
दुश्मन दिखने लगा है,
लाल सबेरा होने लगा है!
रुकना नहीं, अंतिम लड़ाई है,
आधा नहीं, पुरा करना है,
गुलामी कम नहीं,
पुरा खत्म करना है!
आधा नहीं, पुरा करना है,
गुलामी कम नहीं,
पुरा खत्म करना है!
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