क्रांति नहीं आसां
तो क्रांति विरोधी हो जाएँ?
मुक्ति नहीं आसां
तो गुलामी को गले लगा लें?
मालिक का विरोध नहीं कर सकते
तो घर में पत्नी की पिटाई कर दें?
हालात इतने बुरे नहीं दोस्तों,
बाहर तो निकले,
सैकड़ों साथी मिलेंगे!
विरोध का झंडा तो ऊपर करें,
हजारों साथ निकल पड़ेंगे!
पूंजी के खिलाफ एक कदम आगे बढ़ाएं,
लाखों हाथ साथ मिलेंगे!
क्रांति के लिए आगे बढ़ें,
करोडो सर्वहारा आपको आगोश में लेंगे!
सर्वहारा क्रांति जिंदाबाद!
तो क्रांति विरोधी हो जाएँ?
मुक्ति नहीं आसां
तो गुलामी को गले लगा लें?
मालिक का विरोध नहीं कर सकते
तो घर में पत्नी की पिटाई कर दें?
हालात इतने बुरे नहीं दोस्तों,
बाहर तो निकले,
सैकड़ों साथी मिलेंगे!
विरोध का झंडा तो ऊपर करें,
हजारों साथ निकल पड़ेंगे!
पूंजी के खिलाफ एक कदम आगे बढ़ाएं,
लाखों हाथ साथ मिलेंगे!
क्रांति के लिए आगे बढ़ें,
करोडो सर्वहारा आपको आगोश में लेंगे!
सर्वहारा क्रांति जिंदाबाद!
No comments:
Post a Comment